भरदा में छत्तीसगढ़ रजत जयंती समारोह संपन्न,नुक्कड़ नाटक व लोकनृत्य से ग्रामीणों को दी शिक्षा,छात्र-छात्राओं ने योजनाओं की उपलब्धि बताई, नशामुक्त समाज का संदेश दिया
भरदा में छत्तीसगढ़ रजत जयंती समारोह संपन्न,नुक्कड़ नाटक व लोकनृत्य से ग्रामीणों को दी शिक्षा,छात्र-छात्राओं ने योजनाओं की उपलब्धि बताई, नशामुक्त समाज का संदेश दिया
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – यशवंतराव मेघावाले शासकीय महाविद्यालय मगरलोड के तत्वावधान में गोद ग्राम भरदा में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष्य में 11 सितंबर 2025 को नुक्कड़ नाटक एवं लोक नृत्य का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने की खुशी पूरे प्रदेश में मनाई जा रही है। इसी कड़ी में महाविद्यालय की एनएसएस इकाई ने ग्रामीण क्षेत्र में पहुँचकर जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्राम भरदा की सरपंच श्रीमती भानुप्रिया साहू, ग्रामीण अध्यक्ष, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासीयो की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रभा वेरुलकर ने की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सरपंच श्रीमती भानुप्रिया साहू ने कहा की“छत्तीसगढ़ की रजत जयंती हमारे लिए गर्व का क्षण है। पिछले 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज के इस आयोजन से गाँव के लोगों को योजनाओं की जानकारी मिली है और युवा पीढ़ी का सांस्कृतिक जुड़ाव भी देखने को मिला।”
प्राचार्य डॉ. प्रभा वेरुलकर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा“महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक और लोकनृत्य के माध्यम से समाज में जनजागरूकता फैलाने का सराहनीय प्रयास किया है। रजत जयंती सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि हमारी उपलब्धियों पर आत्ममंथन करने और आने वाले 25 वर्षों के लिए नई दिशा तय करने का अवसर है।”
*नुक्कड़ नाटक के जरिए सामाजिक संदेश*
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने दो प्रभावी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। पहले नाटक में छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं उपलब्धियों का प्रसार किया गया।
दूसरा नाटक “नशामुक्त छत्तीसगढ़” विषय पर आधारित रहा, जिसमें यह संदेश दिया गया कि किस प्रकार नशा एक परिवार की खुशहाली को नष्ट कर देता है।
लोककला और संस्कृति का प्रदर्शन छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत नृत्यों ने गाँव के माहौल को उत्सवमय बना दिया।इस अवसर पर विशेष उपस्थिति महाविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक कौसलेश कुमार ध्रुव, डॉ. यशोदा साहू, सुश्री निरूपा साहू , दीपक कश्यप एवं ग्राम भरदा के ग्रामीण साहू समाज अध्यक्ष कृष्ण कुमार साहू, ग्रामीण अध्यक्ष रिखीराम साहू केजू राम साहू ,घनश्याम साहू ,भारत साहू ,गीता राम साहू ,श्रीमती जयंती साहू विशाखा साहू ,ग्राम पंचायत सचिव पंचगंण एवं समस्त ग्रामवासी भरदा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुशीला साहू और आभार प्रदर्शन डॉ. रमा चंद्राकर ने किया।