शासकीय महाविद्यालय मगरलोड में दीपावली पर्व पर सुआ, राउत नाचा एवं गौरा गौरी नृत्य का आयोजन हुआ
छत्तीसगढ़ी संस्कृति,जनजातियों,लोक संगीत,पारंपरिक वेशभूषा की रही झलक
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – यशवंत राव मेघावाले शासकीय महाविद्यालय मगरलोड जिला धमतरी छत्तीसगढ़ प्राचार्य डॉक्टर प्रभा वेरुलकर की मार्गदर्शन में सांस्कृतिक प्रभारी डॉक्टर यशोदा साहू के द्वारा महाविद्यालय में दीपावली पर्व के अवसर पर सुआ नृत्य राउत नाचा एवं गौरा गौरी नृत्य का आयोजन किया गया डॉक्टर यशोदा साहू ने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक विरासत में समृद्ध है इस अंचल में एक बहुत ही अद्वितीय और जीवंत संस्कृति है जनजातियों का लोक संगीत नृत्य और नाटक देखना एक आनंददायक अनुभव है जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति में अंतर दृष्टि भी प्रदान करता है विविध जनजातीय आदिवासी परंपराएं और प्राकृतिक सुंदरता शामिल है जो यहां के लोक नृत्य लोकगीत और कला में परिलक्षित होती है यह अंचल अपनी समृद्ध परंपराओं त्यौहार और पारंपरिक वेशभूषा और विशिष्ट व्यंजन के लिए प्रसिद्ध है डॉक्टर यशोदा साहू ने आगे बताया कि हम अपने क्षेत्र की संस्कृति को जाने उसे आत्मसात करें एवं उनका विभिन्न अवसरों पर प्रदर्शित कर उनको जीवंत बनाएं छत्तीसगढ़ में विभिन्न अवसरों पर गीत एवं नृत्य किया जाता है दीपावली पर्व की अवसर पर सुआ नृत्य किया जाता है नृत्य छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोक नृत्य है जो मुख्य रूप से आदिवासी लोक नृत्य है जो आदिवासी महिलाएं करती हैं जिसमें महिलाएं मिट्टी के तोते की मूर्ति के चारों ओर घूम कर पारंपरिक गीत गाती हैं और ताली बजाति हैं सुआ नृत्य महिलाओं की हृदय के सुख-दुख और प्रेम वियोग को व्यक्त करने का एक माध्यम है नृत्य करते हुए गीत गाती हैं जिसमें पारंपरिक जीवन प्रकृति और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े विषय होते हैं डॉक्टर यशोदा साहू ने बताया कि महाविद्यालय में अध्यनरत छात्र छात्राएं युवा है और अगर इन छात्र छात्राओं को छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक दिखाई जाए इनको नृत्य गीत के लिए प्रेरित किया जाए तो यह छात्र छात्राएं अपनी संस्कृति और धरोहर को संरक्षित करने में अपना योगदान देंगे इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त सहायक प्राध्यापक अतिथि प्राध्यापक कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन डॉ सुशीला साहू अनीता साहू डॉक्टर यशोदा साहू के द्वारा किया गया l