शासकीय महाविद्यालय मगरलोड में प्रतिभा, उत्साह और संस्कृति का अद्भुत संगम
यशवंत राव मेघावाले शासकीय महाविद्यालय मगरलोड में वार्षिक स्नेह सम्मेलन धूमधाम से संपन्न
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – यशवंत राव मेघावाले शासकीय महाविद्यालय, मगरलोड में आज वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय का संपूर्ण परिसर उत्साह, उमंग और तालियों की गूंज से जीवंत हो उठा। यह आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का सशक्त मंच सिद्ध हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि अजय चंद्राकर विधायक, कुरूद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश साहू अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में वीरेंद्र साहू अध्यक्ष, जनपद पंचायत, मगरलोड, श्रीमती लिलेश सुरेश साहू अध्यक्ष, नगर पंचायत, मगरलोड, विजय यादव, नरेश सिन्हा, नरेश अग्रवाल, भाजपा नेता भवानी यादव श्री मति कविता यादव एवं जनभागीदारी समिति के समस्त सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजन कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से आलोकित हो उठा। तत्पश्चात अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रभा वेरुलकर द्वारा प्रतिवेदन वाचन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को जीवन में ऊँचे लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल समस्याएँ गिनाने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें दूर करने का माध्यम है। AI एवं आधुनिक तकनीकें आज के युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रही हैं। पढ़ाई केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न होकर भविष्य को दिशा देने का साधन होनी चाहिए। समय एक बार बीत जाने पर वापस नहीं आता, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु सतत प्रयास करना चाहिए। आत्मविश्वास से युक्त व्यक्ति हर परिस्थिति में सफलता प्राप्त कर सकता है। उनके विचारों ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, आत्मबल और लक्ष्य के प्रति समर्पण का भाव उत्पन्न किया।
समारोह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्ति, लोकनृत्य एवं फिल्मी नृत्य सहित विविध शैलियों का सुंदर संगम मंच पर देखने को मिला। भावपूर्ण गीतों, प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुतियों और जीवंत नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और प्रत्येक प्रस्तुति में विद्यार्थियों की मेहनत, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता स्पष्ट दिखाई दी।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में शैक्षणिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर झलकती खुशी और अभिभावकों की आँखों में गर्व की चमक ने इस आयोजन की सार्थकता को सिद्ध कर दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर निरूपा साहू ने समस्त अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करते हैं और उनमें आत्मविश्वास व नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. यशोदा साहू द्वारा अपनी ओजस्वी वाणी से किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अतिथि प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। संपूर्ण आयोजन उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा तथा महाविद्यालय के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति रहेगा।