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विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों एवं महिला-बाल सुरक्षा के प्रति धमतरी पुलिस ने किया जागरूक

विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों एवं महिला-बाल सुरक्षा के प्रति धमतरी पुलिस ने किया जागरूक

एसपी धमतरी के निर्देशन में धमतरी पुलिस थाना कुरूद द्वारा 1st Education Foundation (प्रथम अरोरा) में आयोजित हुआ व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम

टोमन लाल सिन्हा 

धमतरी/मगरलोड – पुलिस अधीक्षक धमतरी, श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में जिलेभर में संचालित जनजागरूकता अभियानों के अंतर्गत आज थाना कुरूद पुलिस द्वारा 1st Education Foundation (प्रथम अरोरा) में विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं संस्थान के शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों विशेषकर विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, साइबर अपराधों, सड़क दुर्घटनाओं तथा महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के दौरान थाना कुरूद पुलिस के अधिकारियों ने उपस्थित विद्यार्थियों को नशामुक्ति अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, भविष्य एवं समाज पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने, अपने मित्रों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा किसी भी प्रकार की नशीली गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।

यातायात जागरूकता अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया गया कि वे अपने बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने की अनुमति न दें तथा स्वयं भी यातायात नियमों का पालन कर बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनें।

साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत वर्तमान समय में बढ़ रहे ऑनलाइन अपराधों एवं डिजिटल धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। 

विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्तियों से सावधानी, ऑनलाइन गेमिंग एवं निवेश के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी नौकरी एवं लॉटरी के झांसे तथा बैंकिंग फ्रॉड से बचने के उपाय बताए गए। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बाल संरक्षण, बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, पॉक्सो अधिनियम, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्राओं एवं महिलाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता लेने तथा उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे बच्चों के व्यवहार, मित्र मंडली एवं ऑनलाइन गतिविधियों पर सकारात्मक निगरानी रखें, उनके साथ नियमित संवाद बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस एवं समाज के संयुक्त प्रयासों से ही अपराधों की रोकथाम एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने नशामुक्त समाज, सुरक्षित यातायात, साइबर सुरक्षा तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति सदैव जागरूक रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।

धमतरी पुलिस द्वारा इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि प्रत्येक नागरिक कानून के प्रति जागरूक, जिम्मेदार एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभा सके।

Toman lal Sinha
Author: Toman lal Sinha

Editor In Chief

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