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राजिम कुंभ कल्प के सांस्कृतिक मंच पर अनुराग शर्मा के गीतों में झूमे दर्शक, दर्शकों की उमड़ी भीड़

राजिम कुंभ कल्प के सांस्कृतिक मंच पर अनुराग शर्मा के गीतों में झूमे दर्शक, दर्शकों की उमड़ी भीड़

छत्तीसगढ़ी और फिल्मी गानों ने दर्शकों का किया भरपूर मनोरंजन 

टोमन लाल सिन्हा 

राजिम/मगरलोड – राजिम कुंभ कल्प के सातवें दिन छत्तीसगढ़ के विशाल मंच स्टार नाईट अनुराग शर्मा के सुमधुर गीतों ने दर्शका को झूमने पर मजबूर कर दिया। अनुराग शर्मा ने कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना के साथ की। इसके बाद एक से बढ़कर एक छत्तीसगढ़ी और फिल्मी गानों ने दर्शका का भरपूर मनोरंजन किया। सुपर हिट गीत अंग-अंग म बसाहु तोर मया…, धीरे-धीरे दिल तेरा चुराएंगे…, जब से तुम्हे देखा…, धरती म हे कोनो न कोनो आकाश म…, तुमसा कोई प्यारा कोई…, छुनूर छुनुर पैरी बाजे रे…, गीतों की प्रस्तुति ने हर दर्शकों का मन रोमांचित से भर दिया। अनुराग शर्मा को सुनने दर्शकों की भारी भीड़ रही।  

इसी मंच पर रामावतार चंद्राकर की टीम ने वो काली माई…, मेला म पान ठेला…, गीतों को दर्शकों का बहुत प्यार मिला। रोशन साहू हमर छत्तीसगढ़ लोककला मंच ने छत्तीसगढ़ी गीतों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने सिंदूर मांगे…, झूम झूम के नाच ले…, गौरा-गौरी… और बस्तर की लोक कला और संस्कृति की झलक प्रस्तुत की, जिसे बहुत ही सराहना मिली। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध गायिका रामदत्त जोशी बहनों ने तोर घर म अवतार ले यशोदा…, छत्तीसगढ़ महान हे…, कोठा म पैरा डाले…जैसे गानों को सुमधुर आवाज से मंच को सुशोभित किया और खूब तालियां बटोरी। दाई नई बचो-ददा नई बचो…, गौरी गौरा…, सुआ नृत्य और राउत नाचा से छत्तीसगढ़ की संस्कृति का बहुत ही सुंदर ढंग से बखान किया।

Toman lal Sinha
Author: Toman lal Sinha

Editor In Chief

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