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अब शिक्षक रखेंगे आवारा कुत्तों पर भी नजर …शिक्षक संघों ने किया विरोध

अब शिक्षक रखेंगे आवारा कुत्तों पर भी नजर …शिक्षक संघों ने किया विरोध

 टोमन लाल सिन्हा 

   धमतरी/मगरलोडछत्तीसगढ़ में स्कूलों के संस्था प्रमुख अब सिर्फ पढ़ाई-लिखाई एवं कार्यालयीन कार्य तक सीमित नहीं रहेंगे । वे अब स्थानीय सतर्कता बल के सदस्य की तरह भी काम करेंगे..। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के आड़ में लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक सख़्त निर्देश जारी करते हुए हर स्कूल में प्राचार्य या संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंप दी है।

             जिसका पहला काम होगा स्कूल के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों की जानकारी तुरंत पंचायत, जनपद या निगम के डॉग कैचर अधिकारियों तक पहुंचना होगा। शिक्षकों की ड्यूटी पहले से निर्वाचन कार्यालय में मतदाता पुनरीक्षण बी एल ओ काम करवा रहें हैं। शासन प्रशासन द्वारा युक्तियुक्तकरण के नाम पर शिक्षकों का मनोबल ऐसे भी कमजोर किया जिसके कारण वैसे भी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। एक शिक्षक की ड्यूटी निर्वाचन कार्य में नाम जोड़ो-काटो कार्य में लगा है और अब दूसरे शिक्षक आवारा कुत्तों की निगरानी के अलावा,पांच कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं । आखिर अधिकारी हमें बताए कि हमारा मूल काम क्या है?

               शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी, दस वर्षीय जनगणना तथा आपदा की स्थिति को छोड़ किसी भी गैर शिक्षकीय कार्य से मुक्त कर रखने का नियम है किंतु शासन प्रशासन के द्वारा समय-समय पर नाना प्रकार के गैर शिक्षकीय कार्य करवाती है इतना ही नहीं शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन कार्य करने पड़ते हैं परंतु अंत में शिक्षक और स्कूल का मूल्यांकन सिर्फ रिजल्ट के आधार पर करते हैं। शासन प्रशासन की इस तरह के रवैए से शिक्षकों का मनोबल बहुत कमजोर होता है ऐसे में कैसे स्कूल में गुणवत्ता आएगी|

                संयुक्त शिक्षक संघ जिला धमतरी के जिला अध्यक्ष अमित महोबे एवं जिला कोषाध्यक्ष डेवेश कुमार साहू ने उपरोक्त गैर शिक्षकीय कार्यों का घोर आपत्ति व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 का परिपालन हो तथा आवारा कुत्तों के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के लिए नहीं कहा है, बल्कि उसके आदेश के पालन के लिए शासन अन्य व्यवस्था करें । स्कूलों में बाउंड्री वॉल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाए ताकि यह विकट स्थिति निर्मित ना हो। विरोध करने वालों में प्रांतीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष ममता खालसा,प्रांतीय सहसचिव हरीश सिन्हा, जिला सचिव शेष नारायण गजेन्द्र, जिला संयोजक लोमश प्रसाद साहू, जिला उपाध्यक्ष जयंत साहू, आलोक मत्स्य पाल,राणाजी राव रणसिंह,लोचन साहू, मीडिया प्रभारी दीपक सहारे, ब्लॉक अध्यक्ष कुरूद हूमन चन्द्राकार, ब्लॉक अध्यक्ष मगरलोड बेदराम साहू, ब्लॉक अध्यक्ष नगरी पदुमलाल साहू, ब्लॉक अध्यक्ष धमतरी वरूण साहू,लुकेश्वर निषाद,महेश साहू, उदयभान पाल, झुमुकलाल साहू,गजेन्द्र साहू,शेखन साहू,गुलाप साहू, दुष्यंत साहू,राकेश साहू,दिलीप कोठारी, रश्मि निर्वाण, धनेश्वरी साहू,भामा साहू,कामना केरकेट्टा इत्यादि पदाधिकारियों ने विरोध व्यक्त किया है।

Toman lal Sinha
Author: Toman lal Sinha

Editor In Chief

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