धर्मांतरण प्रार्थना करने दबाव,चार दरिंदों ने किया बेटी की तबीयत ठीक करने के नाम पर महिला के साथ दुष्कर्म
धर्मांतरण, प्रार्थना कर लो, तुम्हारी लड़की की तबीयत ठीक हो जाएगी और महिला के साथ बनाता रहा जबरदस्ती शारीरिक संबंध
दुष्कर्म करने वाले चार लोगों को मगरलोड पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल
हिंदू धर्म को अपमानित कर , किसी को बताने पर जान से मारने की पीड़ित महिला को दिया धमकी
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – जिला धमतरी के थाना क्षेत्र मगरलोड में सूत्रों के अनुसार जानकारी मिली है कि एक विशेष धर्म की प्रार्थना करने वालों ने एक महिला के साथ उसकी बेटी की तबीयत को ठीक करने के नाम से धर्मांतरण करने अपने एक विशेष धर्म में शामिल होने का दबाव बनाता रहा तथा पीड़ित महिला के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता रहाऔरकिसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी भी आरोपियों द्वारा दिया जा रहा था तथा हिंदू धर्म को अनाप-शनाप बोलकर अपमानित करता रहा ,
इस दुष्कर्म के आरोप में ग्राम खैरझिटी के नारायण माहार, कमरौद से धनेश साहू, सेंहाभाटा से भुनेश्वर साहू, नंदू साहू को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया है
वहीं लोगों का कहना है कि प्रार्थना एव धर्म के आड़ पर लोगों को डराना धमकाना व सामूहिक दुष्कर्म करना उचित नहीं है और इस तरह से शारीरिक शोषण करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए
वही चार आरोपियों की गिरफ्तार होने के बाद अपने सनातन धर्म को किनारा कर एक विशेष धर्म प्रार्थना को अपना कर मानने वालों की परिवार की भीड़ सुबह से ही थाने में आरोपियों के रिश्तेदारों द्वारा लगाया गया था जिस पर अंततः मगरलोड पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने में सफल रहा तथा दुष्कर्म करने वाले तथा महिला को जान से मारने की धमकी दे कर दुष्कर्म करने वालों चारों आरोपियों को मगरलोड पुलिस गिरफ्तार कर तत्काल विवेचना में लिया गया
दूसरे धर्म को अपनाने के लिए बहुसंख्यक समाज के कुछ लोग अन्य धर्म को अपना रहे हैं इसका मुख्य कारण है दूसरे धर्म के लोग लालच प्रलोभन देकर अपने धर्म में कन्वर्ट कर रहे हैं इस तरह से बहुसंख्यक समाज के लोगों का दूसरे धर्म में जाना चिंता का विषय है इस पर सनातन धर्म के लोगों को पीड़ित लोगों से मुलाकात कर उसकी समस्याओं को जानने का प्रयास करना चाहिए तथा उस पर हो रहे सामाजिक प्रताड़ना, दंड को सामाजिक दृष्टिकोण को देखते हुए पुनः अपने समाज में जोड़ने का प्रयास सामाजिक पदाधिकारी को करनी चाहिए और यह लगातार होने से चिंतनीय विषय है , सभी समाज के लोगों को अपने समाज के प्रताड़ित दंडित लोगों से मिलकर उसकी सुख दुख की जानने का प्रयास करना चाहिए तथा उसकी रोजी-रोटी की भी समस्याओं को सामाजिक लोगों को पहल करने का प्रयास होनी चाहिए और बहुसंख्यक समाज के लोगों को भी सामाजिक स्तर पर भी जन जागरूकता बहुत ही जरूरी है जिससे दूसरे धर्म में जाने से बचे जिससे धर्मांतरण में भी रोक लगेगी