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तेंदुआ की मौत कुएं में हुई या मार दी गई वन विभाग की जांच जारी, तीन आरोपी गिरफ्तार, गए जेल

तेंदुआ की मौत कुएं में हुई या मार दी गई वन विभाग की जांच जारी, तीन आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल 

 कुएं में गिरा तेंदुआ की समा गई जान, चार पंजा काट दिए,14 नाखून सहित चारों पंजा बरामद

टोमन लाल सिन्हा 

धमतरी/मगरलोड – धमतरी जिला की उत्तर सिंग़पुर वन परिक्षेत्र मोहंदी के अंतर्गत विकासखंड मुख्यालय मगरलोड के कोरगांव से लगे कनडबरा की जमीन पर अवैध कुएं में 22 दिसंबर को 1 साल का तेंदुआ दोपहर 12 बजे बेलरदोना के चरवाहा द्वारा गिरा हुआ देखा गया उन्होंने गांव के गणमान्य नागरिकों को सूचना दी जिस पर वन विभाग को सूचना देने पर वन विभाग की टीम तेंदुआ को कुएं में नहीं पाया तत्पश्चात् वन अमले द्वारा आसपास के वन क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं पतासाजी की गई, जिसके परिणामस्वरूप उक्त तेंदुआ आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 23 ग्राम कोरगांव (कनडबरा) में मृत अवस्था में पाया गया। निरीक्षण के दौरान मृत तेंदुए के चारों पैरों के पंजे कटे हुए पाए गए जिससे अवैध शिकार की आशंका प्रकट हुई और खोजबीन करने पर समीप में तेंदुआ का शव देखा गया जिसमें तेंदुआ के चारों पंजा गायब दिखे जिस पर शिकार होने का अंदेशा जताया गया डॉग स्क्वाड के माध्यम से खोज बिन शुरू की गई जिसमें कोरगांव के युवक गोवर्धन पटेल पिता आत्माराम पटेल, आयु 35 वर्ष के कब्जे से पैरा में छिपाकर रखे गए तेंदुए के नाखून एवं पंजे तथा पंजे काटने में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए। आरोपी से गहन पूछताछ किए जाने पर उसके द्वारा अपराध स्वीकार किया गया तथा कारित अपराध का विवरण बताया गया। उक्त कृत्य के संबंध में आरोपी के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की सुसंगत धाराओं के प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 14907/02 दिनांक 22.12.2025 पंजीबद्ध कर तत्काल रात्रिकालीन गहन जांच प्रारंभ की गई। सघन जांच हेतु उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व से डॉग स्क्वाड की सहायता ली गई वन परिक्षेत्र अंतर्गत पंजीबद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 14907/02 में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त इस वन अपराध में संलिप्तता की संभावना के दृष्टिगत 2 अन्य व्यक्तियों हेमचंद बेलरदोना एवं श्यामलाल कोरगांव से भी पूछताछ की गई है जो घटना को जानते हुए भी छुपाने की एवं गुमराह करने की कोशिश की गई , प्रथम दृष्टया तेंदुए की मृत्यु का कारण कुएँ में डूबना प्रतीत होता है। चूँकि तेंदुआ अनुसूची I के अंतर्गत संरक्षित वन्यप्राणी है। अतः नियमानुसार 03 सदस्यीय पशु चिकित्सकों के दल द्वारा शव परीक्षण कराया गया है। पोस्टमार्टम के उपरांत मृत तेंदुए के अवयव फॉरेंसिक जांच हेतु जबलपुर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात् ही तेंदुए की मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी। वन विभाग के अधिकारियों ने तीन लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर तीनों को जेल भेज दिया गया तेंदुआ के चारों पंजे काटने वाले मुख्य आरोपी के साथ दो लोगों को सह आरोपी बनाया गया है वन विभाग द्वारा चारों पंजों के साथ 14 नाखून भी बरामद कर ली गई है

Toman lal Sinha
Author: Toman lal Sinha

Editor In Chief

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