परसवानी के डायमंड ध्रुव डीएसपी बनने के बाद यूपीएससी परीक्षा में 623 वा रैंक लेकर बन गए आईपीएस अफसर
जिला धमतरी वि. ख. मगरलोड परसवानी गांव में खुशी की लहर, बधाई शुभकामनाएं देने वालों की लगी तांता
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – धमतरी जिला के विकासखंड मगरलोड मुख्यालय से 4 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम परसवानी का आदिवासी समाज के होनहार मेधावी युवा गौरव डायमंड सिंह ध्रुव का छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में प्रथम प्रयास में ही डीएसपी पद पर चयन हुआ है अब यह युवा यूपीएससी में 623 वा रैंक लेकर आईपीएस अफसर बनने से उसके ग्राम परसवानी सहित मगरलोड अंचल में खुशी की लहर है
डायमंड ध्रुव की प्रारंभिक शिक्षा मगरलोड के सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा पहली से पांचवी तक हुई जिसमें वह पांचवी कक्षा में 97 फीसदी प्राप्त किया वह कक्षा छठवीं से लेकर 12वीं तक रेडिएंट पब्लिक स्कूल निमोरा में गणित विषय लेकर पढ़ाई की वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपने मित्रों के सहयोग एवं मार्गदर्शन लेकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में हिस्ट्री ऑनर्स विषय लेकर स्नातक तक पढ़ाई किया तथा स्नाकोत्तर के लिए वह नई दिल्ली के जेएनयू में मॉडर्न हिस्ट्री विषय लेकर पढ़ाई की
डायमंड सिंह ध्रुव के पिता स्वर्गीय बलराम सिंह सूर्यवंशी जो जनपद पंचायत में मगरलोड में करारोपण अधिकारी के पद पर था एवं माता श्रीमती अंबिका सूर्यवंशी वर्तमान में शासकीय माध्यमिक शाला साकरा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं
डायमंड ध्रुव कोई कोचिंग लिए बिना ही लगन से पढ़ाई कर उसने यह सफलता प्राप्त किया है
बहन भोपाल में बीएससी बी एड में अध्यनरत है। डायमंड सिंह ध्रुव ने बताया कि वह पढ़ाई के समय से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य है वर्तमान में वह सीजीपीएससी पास कर डीएसपी बना था की माता पिता परिवार का आशीर्वाद के साथ ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी कर मन में ही यूपीएससी परीक्षा पास करने की दृढ़ संकल्प से पढ़ाई कर उन्होंने बिना कोई कोचिंग के यूपीएससी परीक्षा में वह उत्तीर्ण होकर 623 वा रैंक प्राप्त कर आईपीएस पद के लिए चयन हुआ है
उसका जन्म 10 मई 2000 को हुआ और महज 26 वर्ष की उम्र में अपनी लगन और मेहनत से यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस के पद पर चयन हुआ है।
उन्होंने लगन और मेहनत से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बताया की कोई भी सफलता एक दिन में नहीं मिलती इसके लिए सतत संघर्ष सील होना चाहिए और सफलता नहीं मिलने के बाद भी मन में हताश व निराशा नहीं होनी चाहिए मेहनत एक दिन रंग जरूर लाती है और सफलता अवश्य मिलते हैं वह प्रतिदिन दिनचर्या में 5 से 7 घंटा तक पढ़ाई करने की बात कही तथा अति आवश्यक पर ही मोबाइल की उपयोगिता बताई प्रतियोगी परीक्षा में एकाग्रचित होकर पढ़ाई करने की बात कही उसके घर में चार एकड़ कृषि भूमि है।
डीएसपी बनने के बाद यूपीएससी परीक्षा पास करने का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता एवं गुरुजन को दिया डायमंड सिंह ध्रुव के आईपीसी बनने पर आदिवासी समाज के साथ ग्राम परसवानी एवं अंचल के लोगों में खुशी का लहर है उसे बधाई प्रदान करने उसके मित्र एवं कई संगठन के लोग मिल रहे हैं उन्होंने इस सफलता के लिए सभी को धन्यवाद प्रदान किया।