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सच्चाई, सफाई एवं सादगी की चैतन्य मूरत थी दादी जानकी – बी के अखिलेश

सच्चाई, सफाई एवं सादगी की चैतन्य मूरत थी दादी जानकी – बी के अखिलेश

टोमन लाल सिन्हा 

धमतरी/मगरलोड – प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र मगरलोड के योग शक्ति भवन में संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी की छठवीं पुण्यतिथि आयोजित किया गया । इस अवसर पर सेवा केंद्र संचालिका राज योगिनी बी के अखिलेश दीदी ने दादी जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दादी ने अपनी योग, तपस्या व पवित्रता के बल से विश्व की काफी सेवा की। वह अपने जीवन में बहुत ज्यादा अनुशासित रही । दादी जी सच्चाई, सफाई एवं सादगी की चैतन्य मूरत थी । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें 1978 में दुनिया का “सबसे स्थित प्रज्ञा महिला” का किताब से नवाजा गया । दादी जी के अव्यक्त दिवस पर उनके अंग संग रहे बी के रामा भाई ने बताया कि उन्हें दादी जी से बेहद का पालना मिला, उसे सेकंड भगवान का दर्जा दिया जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। जो भी ब्रह्मा वत्स उनके पास आते वे भरपूर होकर जाते। दादी जी अपने अंग संग रहने वाले बहनों को हर क्षेत्र में काफी अटेंशन दिलाती थी। दादी बिल्कुल एक्यूरेट बाबा के ज्ञान में चलती थी। उनके महावाक्य थे — कभी भी काम चलाऊ पुरुषार्थ नहीं करना, हमारा ब्राह्मण जीवन सबसे महत्वपूर्ण है, ब्राह्मण जीवन चुस्त- दुरुस्त रहते मजे से नहीं बिताए, तो ब्राह्मण परिवार का मजा भी चला जाएगा । दादी के बताएं मार्ग पर चलकर हम ब्राह्मण नंबरवार से नंबर वन बन जाएंगे और इस प्रकार दादी के व बाबा के आशाओं को हम पूरा कर पाएंगे । अंत में संस्था के उपस्थित भाई बहनों ने दादी जी को पुष्पांजलि एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

Toman lal Sinha
Author: Toman lal Sinha

Editor In Chief

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