ब्रह्माकुमारी सेंटर में राष्ट्रीय किसान दिवस एवं गीता जयंती आयोजित
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र मगरलोड में राष्ट्रीय किसान दिवस एवं गीता जयंती का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ । कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों में से भ्राता डाकवर साहू ग्राम भरदा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा देश कृषि एवं ऋषि प्रधान देश है जहां 70% जनता कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं। किसान ही अन्नदाता है जिनके द्वारा लोगों के भोजन की आपूर्ति की जाती है । जान हथेली पर रखकर सीमा पर डटे हुए देश की रक्षा करने वाले जवान भी किसान के ही पुत्र होते हैं । भ्राता आर के यादव सेवानिवृत्त
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने कहा कि किसान आज आधुनिकता की ओर जा रहे हैं। कीटनाशकों का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं जिससे फल-फूल, सब्जियां एवं अनाज सभी विषाक्त हो रहे हैं ,जो मानव जीवन के साथ-साथ सभी प्राणी जगत के लिए बहुत ही घातक साबित हो रहा है । ऐसे में उन्हें पुन: पारंपरिक खेती एवं फसल चक्र
अपने की नितांत आवश्यकता है । राष्ट्रीय कृषि कर्मण् पुरस्कार प्राप्त भ्राता वीरेंद्र साहू ग्राम बेलोदी ने कहा कि किसान दिवस का आयोजन देश के पांचवें प्रधानमंत्री मान.चरण सिंह चौधरी की याद में मनाया जाता है। आज किसानों द्वारा जहरीले रसायनों का प्रयोग करने के कारण अनाज विषाक्त होते जा रहा है । हर दूसरे तीसरे घर में कैंसर के रोगी मिल रहे हैं। इसलिए किसानों को अब जैविक- यौगिक खेती की ओर उन्मुख होना चाहिए। सेवा केंद्र संचालिका राज योगिनी बीके अखिलेश दीदी ने कहा कि किसानों का जीवन त्याग तपस्या का जीवन होता है क्योंकि वह ठंडी- गर्मी, बरसात, लाभ-हानि हर परिस्थितियों में कृषि कार्यों में संलग्न रहकर देश के लोगों के उदर पूर्ति हेतु अनाज का उत्पादन करते हैं। दीदी ने बताया कि गीता का ज्ञान और
किसान का गहरा संबंध है अर्थात किसान बिना फल की चिंता किए तन- मन से अपने कार्यों में जुटे रहते हैं।
आज विषाक्त अनाज उपभोग करने के कारण व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से बीमार होते जा रहे हैं ,
क्योंकि कहा गया है जैसा खाओगे अन्न वैसा बनेगा मन। अतः किसान भाइयों को अब कीटनाशक रसायनों के प्रयोग के बजाय पारंपरिक व यौगिक खेती करना चाहिए अर्थात बीज बोने से लेकर फसल कटाई तक पूरा कृषि कार्य परमात्मा की याद में करना चाहिए जिससे निश्चित रूप से फसल अच्छी गुणकारी, पौष्टिक व अधिक मात्रा में उत्पादन होगा । संस्था के छोटे बहनों द्वारा स्वागत गीत एवं नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया गया । अंत में कार्यक्रम में क्षेत्र के उपस्थित किसान भाइयों का पुष्पमाला द्वारा स्वागत अभिनंदन एवं मुंह मीठा कराकर व सौगात भेंट कर सम्मान किया गया। किसान भाइयों में प्रमुख रूप से लक्ष्मी नारायण साहू बेलौदी, रोहित साहू ,केशव साहू, लालाराम साहू,लखन हिरवानी भैंसमुंडी, कृष्ण कुमार साहू भरदा एवं अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सारगर्भित शब्दों के साथ सफलसंचालन संस्था के समर्पित भ्राता बी के दुलार साहू ने किया।
Author: Toman lal Sinha
Editor In Chief




