ओम शब्द से ही समस्त दुखों का नाश होता है – पंडित रवि प्रसाद दुबे
मगरलोड ठाकुर घाट में शिव महापुराण यज्ञ में हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
श्रद्धेय पंडित रवि प्रसाद दुबे ने श्रद्धालुओं को किया भाव विभोर
जय बजरंगबली सेवा समिति की अविरल पहल
टोमन लाल सिन्हा संपादक छत्तीसगढ़ समय न्यूज़
धमतरी/मगरलोड – धमतरी जिला के विकासखंड मुख्यालय नगर पंचायत मगरलोड के पावन ठाकुर घाट महादेव मंदिर परिसर में कथावाचक श्रद्धेय पंडित रवि प्रसाद दुबे के श्री मुख से देवाधिदेव महादेव की शिवमहापुराण की कथा का श्रवण 24 दिसंबर से 30 दिसंबर तक प्रथम दिवस में कलश यात्रा,देव आह्वान, शिव महात्ममय क्रमवार दिवसों में शिवलिंग की उत्पत्ति, नारद अभिमान, गुणनिधि की कथा, कुबेर चरित्र,माता सती चरित्र,सती देह त्याग, माता पार्वती जन्म, शिव पार्वती विवाह, शिव पार्वती विहार, स्वामी कार्तिक गणेश, अशोक सुंदरी का चरित्र एवं गणेश विवाह, अंधकासुर की कथा, शिव भक्त परशुराम, रावण की कथा,वृंदा जलंधर प्रसंग, शंखचूड़ वध, गजासुर वध, भस्मासुर की कथा, एवं बाणासुर की कथा , आज आज पूर्ण दिवस 30 दिसंबर शनिवार को नंदी अवतार,हनुमान जन्म, द्वादश ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति की कथा के साथ पुर्ण हुआ किया जाएग
कथावाचक पंडित रवि प्रसाद दुबे ने 12 ज्योतिर्लिंग की महिमा को बताते हुए कहा भगवान देवाधिदेव शिवजी का ओम शब्द ही ब्रह्मांड है इसके उच्चारण से समस्त पापों का नाश होता है एवं दरिद्रता समाप्त होती है 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ गुजरात काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र किनारे इस प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है, मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश की कृष्णा नदी के तट पर शैल नाम का पर्वत पर स्थित है, महाकालेश्वर मध्य प्रदेश की उज्जैन नगरी में स्थित है जिसके दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है इसी तरह ओंकारेश्वर मध्य प्रदेश की इंदौर शहर नर्मदा नदी के तट पर स्थित है जो ओंकार स्वरूप पर्वत नुमा पर भगवान शिव जी विराजमान , केदारनाथ भगवान शिव जी उत्तराखंड में समुद्र तल से 3584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जिसमें भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र पुणे जिले में सह्याद्री नमक पर्वत पर स्थित है जो विशाल काय है इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन से सभी प्रकार के कष्ट का निवारण होता है, काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग उत्तर प्रदेश शहर के काशी शहर पर स्थित है जिसमें भगवान त्रिशूल पर इस शहर की रक्षा करते हैं त्रयंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग गोदावरी नदी के ब्रह्म गिरी पर्वत पर नासिक जिले में स्थित है जिसमें लगातार भक्त लोग इसकी दर्शन करने से पुण्य प्राप्त करते हैं बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग झारखंड पर स्थित है जिसकी महिमा ही अविरल और अविनाशी है नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात शहर की द्वारिका स्थान पर स्थित है भगवान शिव जी नागों की नगरी में समय हुए रहते हैं रामेश्वर ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु की रामनाथपुरम नामक स्थान पर स्थित है इसकी स्थापना भगवान श्री राम ने स्वयं की है इसी तरह 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम ज्योतिर्लिंग घिरणेश्वर महाराष्ट्र के संभाजी नगर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है जो बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर पर स्थित है इस तरह भगवान शिव जी की 12 ज्योतिर्लिंग भारत देश में स्थित है जिसके दर्शन मात्र से ही समस्त पापों का नाश होता है और सभी मनोकामनाएं ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से पूर्ण होती है आज महा शिव पुराण की कथा समापन के बाद पूरे नगर क्षेत्र में आतिशबाजी के साथ बारात निकाली गई और जगह-जगह भगवान की स्वागत वंदन गीत गाए गए इस कार्यक्रम को सफल बनाने जय बजरंगबली सेवा समिति सहित समस्त नगर वासियों का अमूल्य योगदान कर रहा है प्रतिदिन श्रद्धालुओं भगवत प्रेमियों की संख्या हजारों में पहुंचकर भगवान शिव की कथा का रसपान किया एवम् अपने जीवन को सफल बनाने का प्रयास किया है
इस कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष सुमित सिन्हा उपाध्यक्ष नोहर निषाद उपाध्यक्ष कमलेश निषाद सचिव भीषम साहू सह सचिव प्रभु राम साहू कोषअध्यक्ष पारथ निषाद उप कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार साहू संरक्षक यादराम साहू पुनेश कुमार, अभिषेक निर्मलकर, भारत पटेल, चुंम्मन चक्रधारी,टिकेंद्र यादव, हूमन दास मानिकपुरी, घनश्याम मांडवी, जागेश्वर साहू, वासुदेव सोनी, सोमन मांडे, तोष कुमार सिन्हा, गुलाब दास मानिकपुरी नागेश्वर साहू का विशेष योगदान रहा है
Author: Toman lal Sinha
Editor In Chief




