आमदी हत्याकांड: अंधे कत्ल का पर्दाफाश, आरोपी सुकालू को आजीवन कारावास की सजा

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आमदी हत्याकांड: अंधे कत्ल का पर्दाफाश, आरोपी सुकालू को आजीवन कारावास की सजा

वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के दम पर पुलिस ने कोर्ट में साबित किया जुर्म

बेहतरीन जांच के लिए विवेचना अधिकारी इंस्पेक्टर सन्नी दुबे को एसपी करेंगे पुरस्कृत

टोमन लाल सिन्हा 

धमतरी/मगरलोड – जिला धमतरी थाना अर्जुनी के अंतर्गत हुए चर्चित आमदी हत्याकांड में माननीय सत्र न्यायालय धमतरी ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सुकालू चेलक को अपराध क्रमांक 262/2024 में  दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न पटाने पर दोषी को 3 महीने की अतिरिक्त सश्रम कैद भुगतनी होगी।

क्या था पूरा मामला?

मामला 30 सितंबर 2024 का है, जब ग्राम आमदी निवासी आत्माराम पटेल रोज की तरह अपनी बकरियां चराने निकले थे, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। अगले दिन आमदी-भानपुरी रोड के पास एक नाली में उनका खून से लथपथ शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सिर पर गंभीर चोट पहुंचाकर और अंदरूनी ब्लीडिंग के कारण उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी।

बिना किसी चश्मदीद के ऐसे सुलझी गुत्थी

इस पूरे हत्याकांड में पुलिस के पास कोई चश्मदीद (प्रत्यक्षदर्शी) नहीं था। यह एक पूरी तरह से अंधा कत्ल था। तत्कालीन विवेचना अधिकारी और निरीक्षक सन्नी दुबे ने पारंपरिक पुलिसिंग के बजाय वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों पर भरोसा किया।पुलिस ने कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी सुकालू चेलक (उम्र 45 वर्ष, निवासी चुनकट्टा, जिला दुर्ग) को गिरफ्तार किया। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा, खून से सने कपड़े और घटनास्थल की मिट्टी जप्त की गई।

FSL रिपोर्ट ने कोर्ट में खोल दी पोल

जांच अधिकारी ने मामले को कोर्ट में मजबूत करने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की मदद ली। FSL रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे और घटनास्थल की मिट्टी में हूबहू समानता पाई गई। इन अचूक वैज्ञानिक और चिकित्सीय प्रमाणों के आगे आरोपी की एक न चली। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को सही मानते हुए नई दंड संहिता की धारा 103(1) BNS के तहत आरोपी सुकालू को उम्रकैद की सजा सुना दी।

जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सन्नी दुबे होंगे सम्मानित

बिना किसी गवाह के, सिर्फ वैज्ञानिक अनुसंधान के बल पर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले निरीक्षक सन्नी दुबे की इस कामयाबी की महकमे में जमकर तारीफ हो रही है। एसपी धमतरी ने इस उत्कृष्ट विवेचना के लिए इंस्पेक्टर सन्नी दुबे को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत करने की घोषणा की है। धमतरी पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि वे साक्ष्य-आधारित जांच के जरिए पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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