रक्षासूत्र सिर्फ धागा नहीं, रिश्तों का पवित्र बंधन है — बी के अखिलेश दीदी
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र मगरलोड में भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अंचल के सैकड़ों भाई बहनों को रक्षाबंधन का अध्यात्मिक महत्व बताते हुए सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अखिलेश दीदी ने कहा कि पौराणिक कथाओं व सामाजिक स्थितियों के आधार पर मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का यह त्यौहार अत्यंत ही सादगी भरा पर्व होता है जिसमें । रक्षासूत्र सिर्फ एक धागा नहीं बल्कि यह रिश्तों का पवित्र बंधन है । यमुना ने अपने भाई यम की कलाई में रक्षासूत्र बांधकर संकल्प करवाई कि आज के दिन कोई भी बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो आप उनका प्राण नहीं लेंगे। आज समाज ने भी भाई-बहन का एक दूसरे के प्रति संकल्प,अटूट और पवित्र प्रेम को स्वीकारा है । यह पर्व सिखाता है कि हमें मन,वचन और कर्म तीनों से पवित्र होकर सबके लिए बहुत ऊंचा सोचना है। शिव बाबा से सबके लिए दुआएं लेते रहना है। बी के भ्राता रोमेश व डेविस ने सुमधुर गीत तथा बी के रेणुका , पार्वती बहन ने नृत्य प्रस्तुत किए । कार्यक्रम के अंत में बी के बहनों के द्वारा उपस्थित भाई बहनों के माथे तिलक लगाकर रक्षासूत्र बांधे व मुंह मीठा कराया गया। समय की नजाकत को ध्यान में रखते हुए मन की शांति एवं एकाग्रता के लिए प्रतिदिन एक घंटा सेवाकेंद्र में आकर राजयोग मेडिटेशन सीखने हेतु अपील किये हैं ।






