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संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन का जोरदार ऐतिहासिक स्वागत

संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन का जोरदार ऐतिहासिक स्वागत 

टोमन लाल सिन्हा

धमतरी/मगरलोडटेट की अनिवार्यता के खिलाफ 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के लाखों शिक्षकों की तरफ से आवाज बुलंद कर,दहाड़कर छत्तीसगढ़ वापस लौटे बस्तर टाइगर के नाम से मशहूर छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष एवं टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन का जिलाध्यक्ष अमित महोबे एवं जिला कोषाध्यक्ष डेवेश साहू की उपस्थिति में संयुक्त शिक्षक संघ जिला इकाई धमतरी के पदाधिकारियों द्वारा रत्नाबांधा चौंक में ढोल-नगाड़ों एवं आतिशबाजी कर तथा फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत अभिनन्दन किया गया। मालूम हो कि 1 सितंबर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक फैसले के तहत सभी शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य कर दिया गया है। अर्थात आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी 2 वर्ष के भीतर टेट परीक्षा पास करने का फरमान जारी कर दिया गया है। जो कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। शिक्षकों के लिए ये काला कानून से कम नहीं हैं।नियम जब भी बनाया जाता है तो उसी दिन या उसके बाद से लागू किया जाता है। देशभर के 25 लाख शिक्षक नियुक्ति के समय अपनी अनिवार्य अर्हताएं पूरी करके शिक्षक बने हैं,अब 25-30 साल बाद फिर परीक्षा दिलाने के लिए कहा जा रहा है, जिससे कि देशभर के 25 लाख शिक्षकों के ऊपर नौकरी से हाथ धोने का खतरा मंडरा रहा है। जिसके विरोध में छत्तीसगढ़ सहित देश के कोने-कोने से शिक्षक अपनी आवाज बुलंद करने,आरटीई एक्ट लागू होने से पहले के शिक्षकों पर टेट अनिवार्यता के विरोध में दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचे थे। जहां पर भाजपा के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर शिक्षकों की बात प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री तक पहुंचाने एवं किसी भी शिक्षक के साथ अहित ना होने देने की बात कही। स्वागत करने वालों में अमित महोबे,डेवेश साहू, आलोक मत्स्य पाल, नोमेश साहू,रमेश देवांगन, प्रदीप सिन्हा, महानंद देवांगन, परमेश्वर साहू,थामस साहू, ज्ञानेंद्र गुप्ता, हितेश साहू,शिखा श्रीवास्तव, पूजा शर्मा,मेहमूदा खान इत्यादि पदाधिकारियों ने स्वागत किया

Toman lal Sinha
Author: Toman lal Sinha

Editor In Chief

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