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हत्या के दो आरोपियों को आजीवन कारावास, धमतरी पुलिस की सशक्त विवेचना से न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा,निरीक्षक राजेश मरई होंगे एसपी द्वारा पुरस्कृत

हत्या के दो आरोपियों को आजीवन कारावास, धमतरी पुलिस की सशक्त विवेचना से न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा,निरीक्षक राजेश मरई होंगे एसपी द्वारा पुरस्कृत

मामूली विवाद में चाकू मारकर युवक की हत्या करने वाले दोनों दोषियों को उम्रकैद एवं अर्थदंड, त्वरित विवेचना बनी न्याय की मजबूत नींव

टोमन लाल सिन्हा 

धमतरी/मगरलोड – धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं सशक्त साक्ष्य प्रस्तुतीकरण के फलस्वरूप हत्या के एक गंभीर प्रकरण में माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास एवं 500-500 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय धमतरी पुलिस की निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना का उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रकरण के अनुसार दिनांक 31 जनवरी 2025 की रात्रि लगभग 11:00 बजे मृतक शंकर ढीमर (24 वर्ष) अपने साथी रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा स्थित एक छठी कार्यक्रम में भोजन करने गया था। कार्यक्रम से लौटने के बाद दोनों मराठा मंगल भवन के समीप पीपल के पेड़ के नीचे बैठे थे। इसी दौरान आरोपी मोनू उर्फ कुई ध्रुव एवं जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे और मामूली विवाद को लेकर अपने पास रखे चाकू से मृतक के सीने, पेट एवं जांघ पर ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिला अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि घटना से दो-तीन दिन पूर्व मृतक द्वारा आरोपी के मामा की साइकिल वापस नहीं किए जाने के कारण दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव चल रहा था। इसी रंजिश में आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया।

इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 103(1), 351(2) सहपठित धारा 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र समयबद्ध रूप से माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों एवं धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी मोनू उर्फ कुई ध्रुव एवं जन्मदेव सोरी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास तथा 500-500 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही विचारण अवधि के 529 दिनों का समायोजन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 468 के अंतर्गत प्रदान किया गया।

पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय (भा.पु.से.) द्वारा इस जघन्य हत्या प्रकरण में उत्कृष्ट एवं प्रभावी विवेचना कर दोषियों को कठोर दंड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश मरई को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।

धमतरी पुलिस आमजन की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष विवेचना तथा प्रभावी अभियोजन के माध्यम से अपराधियों को कठोर दंड दिलाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

Toman lal Sinha
Author: Toman lal Sinha

Editor In Chief

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