यशवंतराव मेघावाले शासकीय महाविद्यालय मगरलोड में भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – यशवंतराव मेघावाले शासकीय महाविद्यालय मगरलोड में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके कारणों, विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी तथा उससे मिलने वाली सीख से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रभा वेरुलकर ने अपने उद्बोधन में भारत विभाजन की विभीषिका को स्मरण करते हुए कहा कि विभाजन केवल देश की सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली एक अत्यंत पीड़ादायक ऐतिहासिक घटना थी। उन्होंने कहा कि इतिहास की ऐसी घटनाओं को स्मरण करने का उद्देश्य किसी के प्रति द्वेष या वैमनस्य उत्पन्न करना नहीं, बल्कि उनसे सीख लेकर राष्ट्रीय एकता, अखंडता, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे देश की एकता और अखंडता के प्रति सदैव सजग रहें तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा दें।
इसके पश्चात इतिहास विभाग की डॉ. यशोदा साहू ने भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए विभाजन के प्रमुख कारणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजनीतिक परिस्थितियों, साम्प्रदायिक तनाव, विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं तथा तत्कालीन परिस्थितियों के परिणामस्वरूप वर्ष 1947 में भारत का विभाजन हुआ। उन्होंने विभाजन के दौरान हुए व्यापक विस्थापन, हिंसा और मानवीय पीड़ा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि इस घटना का प्रभाव केवल तत्कालीन समय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके सामाजिक और मानवीय प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए गए।
डॉ. यशोदा साहू ने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का मूल उद्देश्य इतिहास की उस पीड़ा को याद करते हुए वर्तमान और भावी पीढ़ी को उससे सीख लेने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि हमें अतीत की गलतियों से सीख लेकर ऐसी परिस्थितियों से बचना चाहिए तथा देश में एकता, सद्भाव और सामाजिक समरसता को और अधिक मजबूत करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमा चंद्राकर द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सुश्री निरुपा साहू द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. घनश्याम देवांगन, श्रीमती दिव्या देवांगन सहित महाविद्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे!







