श्री कृष्ण सतयुगी दुनिया के प्रथम राजकुमार, उनके गुणों को जीवन में अपनाएं – बीके अखिलेश दीदी
मगरलोड में ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र मगरलोड में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सेवा केंद्र में विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी बीके अखिलेश दीदी ने कृष्ण जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्व विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण सतयुगी दुनिया के प्रथम राजकुमार हैं, जो 16 कला संपूर्ण, संपूर्ण निर्विकारी, मर्यादा पुरुषोत्तम व अहिंसक रहे हैं। उनके सिर पर लगा मुकुट और उसमें लगा मोर पंख परम पवित्रता की निशानी है। दीदी ने आगे कहा कि जैसे बांसुरी अंदर से पूरी तरह खाली होती है, तभी उससे मधुर स्वर निकलता है; ठीक उसी प्रकार जब हम स्वयं को अंदर से सभी विकारों और बुराइयों से खाली करेंगे, तभी हमारा मन शांत होगा और परमात्मा से सच्चा संबंध जुड़ पाएगा।इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत में बीके डामन भाई और नंदकुमार भाई ने उपस्थित जनसमूह को जन्माष्टमी का आध्यात्मिक रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि रास का वास्तविक अर्थ सबको एक साथ मिलाना, एक धुन में रहना और दिव्य गुणों को धारण करना है। हमें श्री कृष्ण के पवित्र व सतोप्रधान गुणों को अपने व्यावहारिक जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करना चाहिए।आकर्षण का केंद्र रहे नन्हे राधा-कृष्ण:उत्सव के दौरान सेवा केंद्र का माहौल बेहद दिव्य नजर आया। कार्यक्रम में कई छोटे-छोटे बच्चे श्री कृष्ण और राधा की मनमोहक वेशभूषा में सज-धज कर पहुंचे, जो सभी के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।सुमधुर भजनों और नृत्यों की रही धूम:इस पावन अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुंदर प्रस्तुति दी गई। छोटे बच्चों, बहनों और माताओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं, बीके रोमेश, डेविस, मनोज, आशीष, गीताराम एवं जागेश्वर भाई द्वारा प्रस्तुत किए गए सुमधुर भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी को ईश्वरीय सौगात और प्रसाद का वितरण किया गया







