प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह संपन्न: क्षेत्र के शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, मगरलोड में एक गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के समस्त शिक्षकों को बैग व कलम भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इससे पूर्व केंद्र संचालिका बी.के. अखिलेश दीदी एवं केंद्र के भाई-बहनों द्वारा सभी अतिथियों व उपस्थित शिक्षकों का पुष्प तथा चंदन तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर कुमारी रागिनी बहन द्वारा प्रस्तुत मनमोहक स्वागत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
प्रमुख अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति:
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) श्री मनीष ध्रुव उपस्थित रहे। मंच पर पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री एन. आर. साहू, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष व यादव समाज के जिलाध्यक्ष श्री रमेश यादव, प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री शैलेंद्र पारिख, व्याख्याता श्री आत्माराम साहू, शिक्षक श्री देवेश साहू तथा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका श्रीमती रंजीता साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।
केंद्र संचालिका बी.के. अखिलेश दीदी का प्रेरणादायी उद्बोधन:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र संचालिका बी.के. अखिलेश दीदी ने कहा, कि जब तक ज्ञान को विवेक की, सफलता को दिशा की और साधना को संस्कार की जरूरत है तब तक इस संसार को गुरु की, शिक्षक की जरूरत है । आज सब चीज पुराना हो सकता है मगर मनुष्य को मनुष्य बनाने की परंपरा पुराना नहीं हो सकता क्योंकि इनके पीछे एक गुरु की आवश्यकता होती है जिस प्रकार वशिष्ठ मुनि ने श्री राम को, संदीपनी ने श्री कृष्ण को, द्रोणाचार्य ने अर्जुन को, मानव से महामानव बना दिया । “शिक्षक समाज का सच्चा मार्गदर्शक होता है, जो बच्चों में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि उच्च नैतिक मूल्यों, संस्कारों और अध्यात्म का बीजारोपण करता है। जब एक शिक्षक विद्यार्थियों को आंतरिक शांति, सकारात्मक दृष्टिकोण और सदाचार की राह दिखाता है, तब एक सशक्त और मूल्यनिष्ठ समाज का निर्माण होता है।”
अतिथियों ने भी रखे विचार:
पूर्व बीईओ श्री एन. आर. साहू ने अपने उद्बोधन में कहा, “शिक्षक जीवन भर बच्चों को तराशकर एक योग्य नागरिक बनाते हैं। डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर और मंत्री जैसे देश के कर्णधारों को गढ़ने की नींव शिक्षक ही रखते हैं।” शिक्षक रमेश यादव ने कहा कि शिक्षक के गोद में प्रलय और निर्माण खेलता है । एक चाणक्य सैकड़ों चंद्रगुप्त पैदा कर सकता है, लेकिन हजारों चंद्रगुप्त मिलकर भी एक चाणक्य पैदा नहीं कर सकते । कार्यक्रम को अन्य मंचासीन अतिथियों शैलेंद्र पारीक, देवेश कुमार, आत्माराम साहू, रंजीता साहू मैडम ने भी संबोधित किया । शिक्षक दयाराम साहू (प्राचार्य सेजेस भैंसमुंडी) नंद कुमार साहू ,दौलत राम ध्रुव, जयंत साहू, दिनेश साहू,टुमेश्वर साहू, शेषनारायण साहू, भिगेश सिंगारे, उत्तम साहू, मनोज साहू मोंगरा, चंद्रहास सिन्हा ,तेजनाथ साहू, कुलेश्वर साहू, चंद्रशेखर साहू, दुष्यंत साहू, टिंकु साहू, शिक्षिका वेणुमति पटेल, सरस्वती साहू,शकुंतला साहू, अर्चना साहू,कंचन साहू, पदमा कुर्रे, शालिनी साहू, रूपेश्वरी साहू एवं अन्य उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाओं को सौगात भेंटकर सम्मान किया गया । बीके अखिलेश दीदी ने सभी शिक्षकों से अपनी आत्मा की उन्नति के लिए तथा अध्यात्म को गहराई से समझने के लिए पांच दिवसीय राजयोग मेडिटेशन कोर्स करने का अपील किये । संचालन भ्राता बी के दुलार साहू ने किया ।







