धमतरी पुलिस की बड़ी पहल, कंडेल के स्वामी आत्मानंद स्कूल में ‘सामुदायिक पुलिसिंग’ के तहत छात्र-छात्राओं को सिखाए सुरक्षित जीवन के गुर
• यातायात नियम, साइबर सुरक्षा और नशामुक्ति को लेकर विद्यार्थियों को किया गया जागरूक
• साइबर ठगी होने पर तुरंत टोल-फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की दी सलाह
टोमन लाल सिन्हा
धमतरी/मगरलोड – पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में धमतरी पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत युवाओं और विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में धमतरी पुलिस यातायात प्रभारी की टीम ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय, कंडेल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव और नशामुक्त जीवन शैली अपनाने की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
सड़क पर अनुशासन ही सुरक्षा की गारंटी
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर रहने की समझाइश दी। उन्होंने बताया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनना चाहिए और वाहन चलाते वक्त मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल न करें। सड़क पर अनुशासन और सावधानी बरतकर न सिर्फ खुद की जान बचाई जा सकती है, बल्कि दूसरों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
अन्जान लिंक और ओटीपी शेयरिंग से बचें, साइबर ठगी पर डायल करें 1930
बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से सचेत किया गया। पुलिस ने बच्चों को समझाया कि वे किसी भी अनजान कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी (OTP) या यूपीआई पिन (UPI PIN) को किसी के साथ साझा न करें। व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी को हमेशा गोपनीय रखें। इसके साथ ही, यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना डरे तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
नशे से दूरी, स्वस्थ और जिम्मेदार समाज का निर्माण
नशामुक्ति के संबंध में बात करते हुए पुलिस टीम ने नशे के घातक दुष्प्रभावों को रेखांकित किया। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार व आसपास के समाज में भी इसके खिलाफ अलख जगाने के लिए प्रेरित किया गया।
धमतरी पुलिस का संकल्प “आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प” को दोहराते हुए अधिकारियों ने कहा कि इस सामुदायिक पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में अनुशासन, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है, ताकि एक नशामुक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण हो सके







