13 सूत्रीय मांगों और कर्मचारियों को हटाने की शर्त पर पार्षद यादराम गायकवाड़ का अनशन समाप्त
प्रशासनिक मध्यस्थता व आश्वासन के बाद खुला गतिरोध
धमतरी/मगरलोड – नगर पंचायत मगरलोड के वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद यादराम गायकवाड़ द्वारा स्थानीय जनहित की समस्याओं और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के खिलाफ खोला गया मोर्चा आखिरकार प्रशासनिक दखल के बाद शांत हो गया। तहसीलदार, सीएमओ और थाना प्रभारी की मौजूदगी तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष की मध्यस्थता में हुए लिखित समझौते के बाद पार्षद यादराम गायकवाड़ ने अपना अनशन समाप्त किया।
इन प्रमुख मांगों को लेकर अड़े थे पार्षद
पार्षद यादराम गायकवाड़ क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए थे। उनकी मुख्य मांगों में नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दोनों तालाबों की सफाई व गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने, मणिकंचन केंद्र व अन्य सोसाइटी जगहों से अतिक्रमण हटाने, वाटर एटीएम और नलों के माध्यम से सुबह-शाम पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने, साप्ताहिक बाजार की साफ-सफाई, शीतला मंदिर के सामने बाल उद्यान का निर्माण और मणिकंचन उद्यान का जीर्णोद्धार जैसी 13 सूत्रीय मांगें शामिल थीं।
कर्मचारियों पर कार्रवाई की शर्त पर बनी सहमति
इस पूरे आंदोलन का सबसे संवेदनशील पहलू नगर पंचायत के कुछ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर था। लिखित समझौते की ‘विशेष टीप’ के अनुसार, ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मचारी और मणिकंचन केंद्र के ड्राइवर को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक करने की शर्त पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, इस पूरे एजेंडे और हस्ताक्षरित बिंदुओं पर आगामी 14 तारीख तक अनिवार्य रूप से आधिकारिक बैठक आयोजित कर अग्रिम फैसला लेने का लिखित निर्देश भी तय किया गया है।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, बीजेपी अध्यक्ष ने कराई मध्यस्थता
मामले की गंभीरता को देखते हुए मगरलोड तहसीलदार मनोज भारद्वाज, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) अशोक कुमार चौहान और थाना प्रभारी (TI) प्रमोद अमलतास मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष रोहित मोहन साहू ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। आंदोलनकारी पार्षद को मांगों पर त्वरित और वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया, जिसके बाद चाय पिलाकर अनशन तुड़वाया गया।
सीएमओ ने कहा नियमानुसार होगी उचित कार्रवाई मामले में प्रतिक्रिया देते हुए मगरलोड नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) अशोक कुमार चौहान ने कहा, “पार्षद द्वारा सौंपे गए मांग पत्र और हस्ताक्षरित बिंदुओं का संज्ञान लिया गया है। हम सभी मांगों पर नियमानुसार उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार उचित और समयबद्ध कार्रवाई करेंगे।”
इस सफल मध्यस्थता के बाद नगरवासियों ने राहत की सांस ली है, वहीं अब सभी की नजरें 14 तारीख तक होने वाली नगर पंचायत की आधिकारिक बैठक पर टिकी हैं।







